Koo app क्या हैं और इसका उपयोग कैसे करे इन हिंदी

पिछले साल चीन के साथ लड़ाई में बाद भारत सरकार द्वारा बहुत सारे चीनी app को बंद कर दिया था और भारत को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम छेड़ी गई थी. इस मुहिम में भारत के app डेवलपर्स को बहुत फायदा हुआ और वेह इसमें बढ़ चढ़ के भाग भी लिए. जिससे बहुत सारे स्वदेशी app का जन्म हुआ, चाहे वह Tiktok अल्टरनेटिव app हो या Twitter का या तो फिर किसी और app का. इनमें से बहुत सी app को लोगो ने खूब पसंद किये और डाउनलोड भी किये.

और आज हम उसी एक स्वदेशी app के बारेमें बात करेंगे जिसका नाम हैं Koo app. जिसको Twitter की अल्टरनेटिव app के रूप में देखा जा रहा हैं. और काफी समय से यह चर्चा में भी हैं. तो चलिए बिना देरी किये जानते हैं की आखिर क्या हैं Koo app, koo app का उपयोग, Koo app का Founder और owner कौन हैं आदी के बारेमें विस्तार से बात करेंगे.

Koo app क्या हैं – Twitter alternative app

Koo एक स्वदेशी माइक्रो ब्लॉगिंग (Micro-Blogging) app हैं, जिसको Twitter की अल्टरनेटिव app के तौर पे देखा जा रहा हैं. क्यों की इसमें भी Twitter जैसे features दिए गए हैं और इसका interface भी Twitter जैसा हैं. जिससे की लोग इसमें अपना विचार यानी opinion शेयर कर सकते हैं, इसके साथ ही साथ short विडियो, ऑडियो और फोटो भी शेयर कर सकते हैं, एक दूसरे को फॉलो कर सकते हैं, एक दूसरे के साथ चैटिंग कर सकते हैं आदी.

जिस तरह twitter में पोस्ट किये जाने बाले पोस्ट को “tweet” कहा जाता हैं, ठीक इसी तरह koo app में पोस्ट किये जाने बाले पोस्ट को “koo” कहा जाता हैं.

इस app की Logo की बारेमें बात करे तो इसमें पहले सिर्फ एक चिड़िया का फोटो था पर अभी इसमें थोड़ा बदलाव किया गया हैं और इस app की Logo में चिड़िया के साथ हमारे देश का त्रिरंगा का भी फोटो दिया गया हैं. और इसकी tagline हैं “to connect with Indians in Indian languages”.

इस app की एक ख़ास बात यह हैं की इसमें आप अपनी क्षेत्रीय भाषा यानीregional language में भी इसे चला सकते हैं. यानीयह एक बहुभाषी यानीmultilingual app हैं. अभी तक इसमें हिंदी, इंग्लिश के आलावा 5 और भाषा जैसे की कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मराठी, बांग्ला भाषा दिए गए हैं और आने वाले समय में और 11 भाषा ये जैसे की गुजराती, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, असामी, संस्कृत, उर्दू भाषाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा.  

Koo app चर्चा में क्यों हैं

भारत सरकार ने इस साल यानी2021 में IT rule यानीइनफार्मेशन टेक्नोलॉजी नियम में कुछ बदलाव किये थे. जिसमें Social media जैसे की facebook, twitter, youtube, whatsapp के लिए कुछ नए नियम जोड़े गए थे जिसको पालन करने के लिए इन सभी Social media platforms को 25 मई तक का वक्त दिया गया था.

पर इनमेसे कोई भी इस नए नियम का पालन नहीं किये थे जिससे सरकार और इनमें तनातनी हो गई थी. और बहुत सारे न्यूज़ चैनल ने यह तक भी कह दिया था की 26 मई से यह सभी social media platform बंद हो जाएंगी. इस वजह से लोग इन सभी app की alternative app को ढूंढ ने लगे और इसी तरह Twitter की विकल्प के रूप में लोगो ने Koo app को ज्यादा पसंद करने लगे.

यह एक स्वदेशी app होने के कारण इसे बहुत सारे राजनेता जैसे की पीयूष गोयल, रवि शंकर प्रसाद, बहुत सारे सेलेब्रिटी जैसे की अनुपम खेर, कंगना रनौत और भी बहुत सारे जानेमाने हस्तियां इससे जुड़ ने लगे और इसको प्रमोट भी करने लगे. जिससे की यह app सुर्खियों में बना हुआ हैं और लोग इसे बहुत सपोर्ट कर रहे हैं और जमकर इसे डाउनलोड भी कर रहे हैं.

Koo app का Founder और Owner कौन हैं  

इस app को मार्च 2020 में Aprameya Radhakrishna और Mayank Bidawatka के   द्वारा लंच किया गया था जो इनके Founder और Owner भी हैं. पर यह app तब मशहूर हुआ जब इस ने “AatmaNirbhar App Innovation Challenge” को जीता था, जो कि भारत सरकार के द्वारा 2020 के अगस्त महीने में करवाया गया था.

और उसके बाद माननीय प्रधानमंत्री ने भी अपने Mann ki Baat प्रोग्राम में इस app के बारेमें जिक्र किया था. जिसके बाद लोगो ने जम के इस app को डाउनलोड करने लगे जिसमें बड़े बड़े मंत्रीया, सेलेब्रिटी और कई अन्य अन्य बर्ग के नामिदामी लोग भी शामिल थे. अभी तक इस app को Google play store में 50 लाख से भी ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चूका हैं.

Koo app के investors | Who Funded Koo app

इस app ने अभी तक 100 मिलियन डॉलर यानीकरीब 727 crore रुपय तक का fund generate कर लिया हैं. इसी साल इस app ने Tiger global के नेतृत्व में 30 मिलियन डॉलर यानीकरीब 218 करोड़ रुपय जुटाई हैं, जो की Series B funding की अंतर्गत हैं. इस app की investors की बात करे तो इसमें Accel partners, 3one4 capital, Kalaari capital, Blume ventures, Dream incubator, IIFL, Mirae assets आदी प्रमुख हैं.

Koo app में चीनी निवेश के कारण कुछ समय सुर्खियों में था. Koo app की शुरुआत की दिनों में यानीसाल 2018 में इसकी पैरेंट कंपनी Bombinate technologies में चीन का Shunwei capital ने 5 मिलियन डॉलर यानीलगभग 36 करोड़ रूपए निवेश किया था. पर अभी चीन की कंपनी इस app की investor की लिस्ट में से बहार निकल गया हैं क्यों की इसका सभी शेयर को भारत के investors ने खरीद लिया हैं.

Image of Koo app
Image credit : Koo india./play.google.com

Koo app कैसे और कहा से download करे  

यह app दोनों Android और ios मोबाइल में काम करता हैं. इसको डाउनलोड करने के लिए आपको अपने मोबाइल के app store में जाना होगा. एंड्राइड मोबाइल के लिए google play store और ios यानीapple मोबाइल के लिए apple app store में जाना होगा.

App store में जा के टाइप करना होगा “Koo” और पहले वाला app को डाउनलोड करना होगा और उसमे sign up करना होगा. sign up करने के लिए आप अपना Mobile नंबर देना होगा जिसके बाद एक OTP आएगा और उस को enter करने के बाद आपका account चालू हो जाएगा. इसके आलावा आप अपना Gmail और iCloud mail अकाउंट का इस्तेमाल करके भी sign up कर सकते हैं..

Sign up हो जाने के बाद आपको कुछ अपने बारेमें जानकारी देना होगा और एक बढ़िया सा Koo handle नाम set करना होगा. इसके बाद app Koo app चलाने के लिए बिलकुल तैयार हैं.

अगर  आप चाहे तो इसकी website से भी इस app को डाउनलोड करके आपको मोबाइल में install कर सकते हैं. इसका ऑफिसियल वेबसाइट का नाम हैं www.kooapp.com.

Koo app के features

इस app में भी बहुत सारे अच्छे अच्छे features दिए गए हैं जैसे की

  • Talk to Type – यह एक लेटेस्ट features हैं जिसकी मदद से आपको कुछ लिखना यानीtype करना नहीं पड़ेगा, बल्कि आपको सिर्फ बोलना पड़ेगा और आपकी मेसेज खुद बा खुद टाइप होता चला जाएगा. इस features उन लोगो के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा जो लोग लम्बे लम्बे पोस्ट टाइप करते हैं. यह features अभी तक हिंदी, इंग्लिश के साथ ही साथ कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मराठी, बांग्ला भाषाओं में उपलब्ध हैं. जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें अपना opinion शेयर कर पाएंगे.
  • Regional languages – आज कल के जितने भी app आ रहे हैं सभी इंग्लिश और हिंदी भाषा में आते हैं, पर Koo app में ऐसा नहीं हैं.इस app में बहुत सारेक्षेत्रीय भाषा यानीregional language का भी option दिया गया हैं जिससे की ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ पाएंगे और अपना opinion साझा कर पाएंगे. इसलिए इसका यह features इस app को और भी खास बनाता हैं.
  • Post Character length – Koo app में 400 characters तक का पोस्ट लिखा जा सकता हैं. वही दूसरी तरफ twitter में सिर्फ 280 characters तक का पोस्ट लेखा जा सकता हैं. इसकी एक और खास बात यह हैं की इसमें आप अपनी पोस्ट को edit कर सकते  हैं, पर वही दूसरी तरफ twitter में edit का option नहीं दिया गया हैं.
  • Share option – Koo app में आप किसीभी पोस्ट को direct अपनी whatsapp में शेयर कर सकते हैं इसके लिए इस app में एक whatsapp का शेयर button दिया गया हैं. वही twitter में direct शेयर option नहीं हैं.
  • Yellow Tick – Twitter की Blue tick की तरह इसमें भी verified account को पहचानने के लिए Yellow tick का features दिया हुआ हैं. Yellow tick को पाने के लिए Koo app की मापदंड यानी criteria को पूरा करना होगा.

Koo app vs Twitter

इस दोनों app के अंदर बहुत सी चीजें एक जैसे हैं और कुछ ऐसी चीजें हैं जो इन दोनों को एक दूसरे से अलग बनाता हैं जैसे की

1 – Koo app हिंदी, इंग्लिश के लावा और भी बहुत सारे भाषाओं को सपोर्ट करता हैं, पर वही दूसरी तरफ twitter सिर्फ हिंदी और इंग्लिश भाषा को सपोर्ट  करता हैं.

2 – koo app 400 character तक सपोर्ट करता हैं. मतलब आप एक पोस्ट को 400 character तक लिख सकते हैं. वही दूसरी तरफ twitter सिर्फ 280 character तक support करता हैं.

3 – Koo app में Trending topic के लिए एक अलग सा tab दिया गया हैं जहा आप koo app में चल रही hashtags (#) बाला trending topic को देख सकते हैं. वही दूसरी तरफ twitter में trending topic देखने के लिए आप को search option पे जाना होगा.

4 – Twitter के home page में आपको सिर्फ Feed दिखेंगे. पर Koo app में आपको feed के अलावा people, trending, covid, following, new, polls , video जैसे option या topic  मिल जाएंगे और app उस option या topic से सम्बंधित सभी चीजों को देख पाएंगे.

Koo aap का उपयोग कैसे करे | How to use Koo app

Koo app को चलाना बिलकुल ही आसान हैं. अगर आप twitter का इस्तेमाल करते हैं तो आपके इसे चलाने में कोई दिक्कत नहीं होगी. और अगर आप twitter का इस्तेमाल नहीं कर रहे तो भी कोई बात नहीं, आप इसको सही तरीके से कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं उसके बारेमें बात करेंगे

इसमें account बना लेने के बाद आपको इसका यूजर interface कुछ इस तरह का दिखेगा. आप अपनी profile में जाकर अपना नाम, ईमेल id, koo handle name, आदी भर के इसी चला सकते हैं.

Koo app interface
Image credit : Koo india./play.google.com

यहाँ आपको आपकी पसंद के हिसाब से लोगों को फॉलो (follow) करना होगा , जिसके लिए आपको option में click करना पड़ेगा और जिसके लिए इसमें बहुत सारे category का option भी दिया गया हैं जैसे की न्यूज़, एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स, स्पोर्ट्स, एजुकेशन आदी. इसमें से किसी भी category में जा के आप अपने पसंदीदा लोगो से जुड़ सकते हैं.

Koo app
Image credit : Koo india./play.google.com

इसमें आप पोस्ट या koo करने के लिए आपको yellow colour का जो option या button हैं वहा click करना होगा. इसके बाद आप अपने पसंद के भाषा के हिसाब से कुछ भी लिख के पोस्ट कर सकते हैं. और अगर आप चाहे तो इसमें आप talk to type फीचर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे की आप को लिखना नहीं पड़ेगा बल्कि आपको बोलना पड़ेगा और वह खुद ब खुद टाइप होता चला जाएगा.

Koo app
Image credit : Koo india./play.google.com

Twitter की तरह इसमें भी आप किसी को टैग (tag) करने के लिए “@” का इस्तेमाल कर सकते हैं. और हैंश टैग (“#”) का इस्तेमाल करके किसी ट्रेंडिंग topic को अपने पोस्ट में लगा सकते हैं. इसके साथ ही साथ आप अपने पोस्ट में ऑडियो, विडियो, फोटो, link भी जोड़ सकते हैं और इसमें और एक अच्छा features दिया गया हैं जो की हैं पोल (Poll). जिसकी मदद से आप poll भी कर सकते हैं.

Koo app का भबिष्य | Future of Koo app

पिछले साल chinease app के ऊपर पाबंदिया और इस साल भारत सरकार और social media प्लेटफॉर्म्स के बिच हो रही विवाद के कारण स्वदेशी app developers को बहुत फायदा मिल रहा हैं, जिससे की हर एक field में नए नए स्वदेशी app उभर के आ रहे हैं. उनमें Koo app भी पीछे नहीं हैं.

इसका बहुत सरल और अच्छा interface, नए नए features और स्वदेशी होने के कारण इसे लोग बहुत ज्यादा पसंद कर रहे हैं जिसमें बहुत सारे गवर्नमेंट, राजनेता, फिल्म स्टार, और भी बहुत सारे जाने माने हस्तिया शामिल हैं. जो न केबल इस app में account बनाया हैं, बल्कि  इसके प्रमोट भी कर रहे हैं. जिस कारण इसे महज़ एक साल के अन्दर 50 लाख से भी ज्यादा डाउनलोड हो चूका हैं.

और इसमें पिछले कई समय से investment भी बहुत अच्छा हो रहा हैं. इन सभी कारण इस app का भबिष्य बहुत अच्छा हैं, जिससे की आने वाले समय में लोग और भी ज्यादा पसंद करेंगे और डाउनलोड करेंगे.

FAQs of Koo app | Koo app से जुड़ी कुछ सवाल और जवाब

1 – क्या Koo app एक स्वदेशी app हैं.

Ans- जी हां. यह पूरी तरह से एक स्वदेशी app हैं. जिसको Aprameya Radhakrishna और Mayank Bidawatka के द्वारा 2020 में launch किया गया था और वेह इस app के founder और owner भी हैं.

2 – क्या Koo app में चीन के द्वारा invest किया गया हैं.

Ans- नहीं. इसकी शुरुवाती की समय में चीन का Shunwei capital ने इस app की parent कंपनी Bombinate technologies में निवेश किया था पर बाद में इसकी सारी शेयर को इसकी parent कंपनी और भारत के investors ने खरीद लिया था.

3 – क्या Koo app को इस्तेमाल करना सुरक्षित हैं.

Ans- कुछ दिन पहले Robert Baptiste नामक एक Ethical hacker ने कहा था की koo app लोगो के personal data यानीईमेल id, नाम, जन्म तारीख, gender आदी लीक कर रहा हैं. पर इस app की founder Radhakrishna ने इस बात को पूरी तरह से खंडन किया था. और उनके द्वारा यह कहा गया था की यह app पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इसमें data privacy का पूरी तरह से ध्यान रखा जा रहा हैं.

मुझे आशा हैं की मेंरे द्वारा लिखा गया यह पोस्ट जिसका शीर्षक हैं “Koo app क्या हैं और इसका उपयोग कैसे करे इन हिंदी” आप लोगों को ज़रूर अच्छा लगा होगा. अगर आपको इस जैसा कोई दूसरे app के बारे में जानना हो तो आप मुझे comment या ई.मेंल के जरिए बता सकते हैं मुझे उसे जानने में बहुत खुशी होगा. और अगर आपको यह article अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ या facebook, instagram में शेयर करना न भूले.

यहाँ तक पढ़ने के लिए धन्यवाद, आप का दिन शुभ हो.

ई.मेल  – [email protected]

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